रांची/ नई दिल्ली: पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान इस समय देश में चर्चा के केंद्र में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण माना जा रहा है। झारखंड से राज्यसभा सांसद, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी प्रदीप वर्मा ने मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को कांग्रेस का असल चरित्र बताया है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में यह कहा कि जब उनकी सरकार बनेगी तब नरेंद्र मोदी को जेल भेजा जाएगा। आवेश में आकर उनके दिवंगत पिता के बारे में भी कहा गया। उनका बयान काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदीप वर्मा ने आगे कहा कि कांग्रेस ने अपना असली चरित्र उजागर किया है। पूर्व में उनकी दिवंगत माताजी के बारे में भी अमर्यादित टिप्पणी की गई थी। अब उनके पिता पर टिप्पणी कांग्रेस नेताओं के आचरण को प्रतिबिंबित करता है। इसका जनता सही तरह से जवाब देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारह साल के कार्यकाल में हुए विकास को देख दुनिया अचंभित है। वहीं कांग्रेस को यह सब पच नहीं पा रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था आज एक मिसाल है।देश विकसित भारत की संकल्पना को साकार होने की दिशा आगे बढ़ा है। कांग्रेस हमेशा से सामंती सोच और वंशवाद की राजनीति की पोषक और पक्षधर रही है। अब जब देश में एक मजबूत नेतृत्व काम कर रहा है तो इन्हें फ्रस्ट्रेशन होना स्वाभाविक है। फलतः अनाप शनाप काम किए जा रहे और बयान दिए जा रहे हैं।
प्रदीप वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र में विश्वास नहीं रहा है। इसके नेता तो आपातकाल लगाकर जनता के आधिकारों को कुचलने का काम किया है। तो यह सहज समझा जा सकता है कि कांग्रेस अवसाद में क्या क्या कर सकती है और कह सकती है। राहुल गांधी आज विदेशी ताक़त के इशारे पर काम कर रहे हैं। देश में अराजक स्थिति उत्पन्न करना चाहते हैं। इसलिए मल्लिकार्जुन खड़गे उनसे अलग कैसे हो सकते हैं।
सांसद प्रदीप वर्मा ने आगे कहा कि कांग्रेस देश के लोकतंत्र को बदनाम करने में लगे हुए हैं। चुनी हुई सरकार को बदलने की बात कहते हैं। देश की जनता का हर वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय के साथ है। इसलिए कांग्रेस और इनके सल्तनत के सुल्तान और सिपहसालार बौखलाए हुए हैं। जनता ने कांग्रेस को उसके कुकर्म की सज़ा कई बार दी है। पर, इन्हें अब लोकतंत्र पर विश्वास नहीं रहा है। इसलिए कांग्रेस वैसी ही प्रवृत्ति बना रखी है जिसे पॉलिटिकल गैंबलिंग कह सकते हैं। लह गया तो ठीक नहीं तो फिर गला फाड़कर भौंकने लगे। जनता इन सब चीजों को देख रही है।

