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झारखंड में इतनी गुटबाज़ी क्यों है भाई ? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बीमारी पकड़ी।

Rajesh Kumar

Rajesh Kumar

Oct 25, 2026 · 8:39 AM
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झारखंड में इतनी गुटबाज़ी क्यों है भाई ? राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बीमारी पकड़ी।
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रांची: जो बातें अक्सर कही जाती थीं कि झारखंड भाजपा में नेता कई हैं, सभी के अपने गुट हैं। सभी एक दूसरे की टांग खींचते हैं। यही कारण है कि झारखंड में भाजपा छितराई हुई है। पार्टी में अर्जुन मुंडा, रघुबर दास, बाबूलाल मरांडी,दीपक प्रकाश, चंपई सोरेन गुट काम कर रहे हैं। चंपई सोरेन तो अगस्त 2024 में JMM से भाजपा में आए, फिर भी एक गुट बन गया है। यही गुटबाजी ख़तरनाक है। वैसे यह कहा जाता है कि बड़े संगठन में इस तरह की प्रवृत्ति देखी जाती है।

हम यह बात इसलिए कह रहे हैं कि झारखंड भाजपा की कार्यसमिति बैठक में बड़ा समाचार सामने आया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने झारखंड इकाई में गुटबाजी को खतरनाक बताया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड में गुटबाजी खत्म होनी चाहिए। तभी झारखंड में फिर से सरकार बन पाएगी। उन्होंने कहा कि झारखंड को हमने बनाया है। इसे हम ही संवारेंगे। इसे बढ़ाएंगे। इसके लिए सभी को इस कार्यक्रम के माध्यम से संकल्प लेकर जाना है कि हमें एक बार फिर यानी 2029 में सरकार बनानी है। यह संकल्प तभी पूरा होगा जब सब मिलकर साथ चलेंगे।

विधायक नीरा यादव ने कहा कि पार्टी में ऐसी कोई गुटबाजी नहीं है। सब लोग साथ हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष और बूथ अध्यक्ष साथ भोजन करते हैं। झरिया की विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बड़ा संदेश दिया है। हम सब मिलकर काम करेंगे। कार्यसमिति सदस्य रमेश सिंह ने यह स्वीकार किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को यह महसूस हुआ होगा तभी तो उन्होंने ऐसा कहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने संदेश में साफ कहा है कि हमें नेशन फर्स्ट की भावना से काम करना है।

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री, सांसद और उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी प्रदीप वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जो कहा है वह हम लोगों को आत्मसात करना है। झारखंड का निर्माण वाजपेयी सरकार ने किया है। हम इसे और बढ़ाएंगे। झारखंड को लूटने से बचाना है। यहां कि जनता वर्तमान सरकार से ऊब चुकी है। जनता को पता चल गया है कि वे ठगे गए हैं। राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि झारखंड भाजपा में जितने नेता हैं उतने गुट हैं। यह ख़तरनाक कारण है जो भाजपा को कमजोर करते हैं।

 

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