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पिता दिशोम गुरु शिबू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक हुए, जानिए क्या कहा ?

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Aug 04, 2026 · 4:09 PM
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पिता दिशोम गुरु शिबू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक हुए, जानिए क्या कहा ?
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रांची: आज झारखंड अलग राज्य आंदोलन के सबसे बड़े आंदोलनकारी शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि है। पूरे प्रदेश में अनेक कार्यक्रम सरकारी और निजी स्तर पर आयोजित किए गए। रामगढ़ जिले के नेमरा में विशेष कार्यक्रम हुआ।एक बड़ी प्रतिमा का अनावरण किया गया। इससे पूर्व रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पर तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज पद्म भूषण से सम्मानित, झारखंड आंदोलन के महानायक एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर मोरहाबादी स्थित उनके आवास पहुंचकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस मौके पर दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी श्रीमती रूपी सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन, योगदान और आदर्शों को स्मरण किया। वे भावुक नज़र आए।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना जीवन झारखंड और यहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया था। आज उन्हें राज्य के हर कोने में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है, जहां के लोगों ने सदैव अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। इस संघर्ष में अनेक वीर सपूतों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम उन सभी वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज बाबा हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, विचार और योगदान सदैव अमर रहेगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड के मूलवासियों, आदिवासियों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके द्वारा देखे गए सपनों को साकार करना तथा उनके आदर्शों के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरु का संघर्ष, त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। झारखंड की पहचान, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु ने जिस समतामूलक, न्यायपूर्ण और समृद्ध झारखंड की परिकल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर झारखंड आंदोलन के सभी वीर शहीदों को भी श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

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