बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। पटना के एएन कॉलेज स्थित मतगणना केंद्र पर सुबह सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की गई, जिसके बाद ईवीएम के वोटों की गणना शुरू हुई। शुरुआती रुझानों से लेकर ग्यारहवें राउंड तक जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए रखने में सफल रहे, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
ग्यारहवें राउंड की मतगणना पूरी होने तक प्रशांत किशोर को 21 हजार से अधिक वोट मिल चुके थे। वहीं भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा दूसरे स्थान पर बने रहे, जबकि दोनों के बीच छह हजार से अधिक वोटों का अंतर दर्ज किया गया। दूसरी ओर राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर रहीं और अब तक अन्य दोनों प्रमुख उम्मीदवारों से काफी पीछे दिखाई दीं।
मतगणना के दौरान लगभग हर राउंड में प्रशांत किशोर की बढ़त बढ़ती गई। शुरुआती चरण में जहां मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी माना जा रहा था, वहीं बाद के राउंड में जन सुराज ने स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली। इससे भाजपा के लिए यह सीट बचाना चुनौतीपूर्ण नजर आने लगा, जबकि राजद भी मुकाबले में प्रभावी स्थिति नहीं बना सकी।
इस उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला जन सुराज, भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के बीच ही माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर का परिणाम राज्य की आगामी राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है, क्योंकि इस सीट पर सभी प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।
मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, जबकि ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने मतगणना स्थल पर केवल अधिकृत लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी है ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
इसी बीच मतगणना केंद्र के बाहर एक संदिग्ध युवक को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उसके बैग से संदिग्ध उपकरण मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे परिसर की जांच की गई। हालांकि मतगणना की प्रक्रिया पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और गिनती निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रही।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के अंतिम नतीजों पर अब पूरे बिहार की नजर बनी हुई है। यदि शुरुआती रुझान अंतिम परिणाम में भी बरकरार रहते हैं, तो यह जन सुराज और प्रशांत किशोर के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जाएगी। वहीं भाजपा और राजद के लिए यह परिणाम आगामी चुनावी रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

