केंद्र सरकार और CJP (सीजेपी) नेताओं के बीच तीन दौर की लंबी बातचीत के बाद आखिरकार आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया है। बैठक के समापन के बाद दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समझौते की जानकारी दी। इस फैसले के साथ ही लंबे समय से चल रहा विवाद फिलहाल खत्म होता नजर आ रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा और पहले से दर्ज मामलों पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई एफआईआर वापस ली जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से हर समस्या का समाधान चाहती है और छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। तीन चरणों में चली इस अहम बैठक के दौरान आंदोलन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद CJP ने आधिकारिक रूप से अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी। इस फैसले से आंदोलन में शामिल छात्रों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है। सरकार और CJP के बीच बनी इस सहमति को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालना लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार अपने वादों को कितनी तेजी से लागू करती है और छात्रों से जुड़े मामलों में क्या कार्रवाई होती है।

