रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को CID ने पूछताछ के बाद आज गिरफ्तार कर लिया है। उनके ऊपर परीक्षा घोटाला करने का आरोप लगा है। पिछले साल एल ख्यांगते को राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी दी थी।
जानकारी के अनुसार CID के पास पक्के सबूत हैं कि एल ख्यांगते ने TDPL कंपनी से रिश्वत लिए। इसके एवज में उसे काम दिया। एल ख्यांगते झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं। राज्य सरकार में सेवा के दौरान एल ख्यांगते कई बार विवादों में रहे।
CID ने उनसे 14 वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी के बारे में जानकारी प्राप्त की। उनसे पूछताछ की गई। कई सवालों के वे जवाब नहीं दे पाए। उनके आवास से कुछ डॉक्युमेंट्स भी बरामद किए गए हैं। परीक्षा का संचालन करने वाली TDPL कंपनी से कथित रूप से 2 करोड़ रुपए रिश्वत के तौर पर लिए। इस घोटाले का मुख्य किरदार अभय तिवारी से पूछताछ में यह बात आई थी।
यह एक बड़ी कार्रवाई है। कल ही जेपीएससी के तीन सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया था।JPSC नियुक्ति घोटाला में यह एक बड़ी कार्रवाई है। हम आपको बता दें कि एल ख्यांगते 1988 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं।

