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कांग्रेस नेतृत्व वाले UPA शासनकाल में इतने पेपर लीक,कांग्रेस ने किसका इस्तीफा लिया, राहुल गांधी पर बरसे MP प्रदीप वर्मा।

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Jul 23, 2026 · 9:12 AM
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कांग्रेस नेतृत्व वाले UPA शासनकाल में इतने पेपर लीक,कांग्रेस ने किसका इस्तीफा लिया, राहुल गांधी पर बरसे MP प्रदीप वर्मा।
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रांची: झारखंड भाजपा के नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की याददाश्त कमजोर है। या फिर वे इसे याद नहीं रखना चाहते हैं। वे सिर्फ टारगेटेड अप्रोच रखते हैं। राहुल गांधी को याद रहना चाहिए कि उनके दल के शासन में क्या हुआ। अन्य विपक्षी दल की सरकार में क्या हुआ, यह भी नहीं भूलना चाहिए।

प्रदीप वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में कितने क्वेश्चन पेपर लीक होते थे आज हम राहुल गांधी को यह याद दिलाना चाहते हैं कि और फिर हम आपको यह बताते हैं कि कांग्रेस सरकार (2004-14) के दौरान कौन-कौन 152 पेपर लीक हुए है। पिछले 10 साल में हो सकता है।

यूपीए सरकार के दौरान कितने पेपर लीक हुए और तब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की सरकार ने क्या किया ? सरकार के दौरान वर्ष 2004 से 2009 तक अर्जुन सिंह शिक्षा मंत्री थे। 2009 से 2012 तक कपिल सिब्बल शिक्षा मंत्री रहे। किसी ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली। आज देश को राहुल गांधी गुमराह कर रहे हैं।

प्रदीप वर्मा ने कहा कि 2004 में सीबीएसई का पीएमटी पेपर लीक हुआ। 2006 में सीबीएसई 12वीं कक्षा का बिजनेस स्टडीज का पेपर लीक हुआ। 2011 में ए ई का पेपर लीक हुआ। 2012 में एम्स के एंट्रेंस एग्जाम का क्वेश्चन पेपर लीक हुआ।2014 में 12वीं क्लास के फिजिक्स का पेपर लीक हुआ।2006 में ही रेलवे रिक्रूटमेंट सेल का पेपर लीक हुआ।

2012 में राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन का पेपर लीक हुआ।आज राहुल गांधी को यह सब कुछ याद नहीं है। प्रदीप वर्मा ने आगे कहा कि राहुल गांधी ये भूल जाना चाहते हैं।इसलिए वह 2014 से अब तक की बात तो करना चाहते हैं लेकिन 2004 से 2014 की बात नहीं करना चाहते।जब उनकी पार्टी की सरकार थी और उन्होंने अपने एक भी शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया था। मालूम होना चाहिए कि अब तक का सबसे बड़ा जो पेपर लीक है वह माना जाता है वर्ष 1991 में। तब 1991 में यूपीएससी की प्रिलिमनरी परीक्षा का क्वेश्चन पेपर लीक हो गया था। इसके बाद यूपीएससी की परीक्षा रद्द कर दी गई थी उस समय देश के प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और शिक्षा मंत्री थे राज मंगल पांडे थे ।

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक होने से रोकने के लिए कांग्रेस सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए। हमारे देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने पहली बार 2024 में कानून बना।जिसे दी पब्लिक एग्जामिनेशंस प्रीवेंशन आफ अनफेयर मिंस एक्ट 2024 । इस कानून के तहत पेपर लीक करने और परीक्षा में धांधली के दोषियों को 10 साल तक की सजा हो सकती है और एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है।

झारखंड भाजपा के उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक सबसे ज्यादा लगभग 50-55 साल तक तो कांग्रेस रही है लेकिन कांग्रेस ने कभी भी पेपर लीक को लेकर सख्त कानून नहीं बनाया है ।आज यह सवाल वाजिब है कि क्या कांग्रेस से और राहुल गांधी से यह बात नहीं पूछी जानी चाहिए थी कि इससे पहले जो पेपर लीक हुआ करते थे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को बताना चाहिए कि उस दौरान कितने शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफा कांग्रेस पार्टी ने लिए। संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मोदी सरकार तैयार है। पर विपक्ष को तो इसमें रुचि नहीं है। उसे तो ड्रामा करना है। देश से ज्यादा विदेश को प्यार करने वाले राहुल गांधी को जनता नकार दी है। तो अपने को किसी तरह सुर्खियों में रखना चाहते हैं।

प्रदीप वर्मा ने आगे कहा कि मोदी सरकार स्टूडेंट्स की भावना को समझती है। परीक्षा में पारदर्शिता के लिए सरकार संवेदनशील है। नीट यूजी की परीक्षा फिर से ली गई। रिजल्ट आ गए। बच्चे उत्साहित हैं। अपने भविष्य को संवार रहे हैं। लेकिन राहुल और कांग्रेस को इनसे अधिक अपनी चिंता है।

पेपर लीक की समस्या गंभीर है, इससे कोई इनकार नहीं कर सकता है। राज्यों के साथ मिलकर इस गंभीर समस्या का समाधान करना होगा। इसमें मोदी सरकार सक्षम है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। यह युवा पीढ़ी के भविष्य का सवाल है।

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