
बिहार बंद के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शनिवार देर रात उन्हें नौबतपुर थाना से पटना के छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें बेउर जेल भेजने का आदेश दिया। तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब बिहार में विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। बंद के दौरान हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। गिरफ्तारी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने राज्य सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। साथ ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। तेजस्वी ने सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कानून का इस्तेमाल निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। इस मामले ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है। एक ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रहा है, वहीं सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है, क्योंकि विपक्ष इस कार्रवाई को लेकर सरकार को लगातार घेरने की तैयारी में है। तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को लेकर अब सभी की नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर बनी हुई है।


