सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपवास रखकर भोलेनाथ की पूजा करते हैं। हालांकि, व्रत रखने का अर्थ पूरे दिन भूखे रहना नहीं होता। यदि फलाहार सही तरीके से किया जाए तो शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है, ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती। इसलिए व्रत के दौरान संतुलित और पौष्टिक आहार लेना बेहद जरूरी माना जाता है।
अगर आप सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो दिन की शुरुआत पर्याप्त पानी पीने के साथ करें। इसके बाद मौसमी और ताजे फलों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। केला, सेब, अनार, नाशपाती और पपीता जैसे फल शरीर को विटामिन, मिनरल और फाइबर प्रदान करते हैं। ये लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।
व्रत के दौरान साबूदाना सबसे लोकप्रिय फलाहार माना जाता है। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना खीर या हल्का साबूदाना पुलाव आसानी से पचने के साथ शरीर को कार्बोहाइड्रेट उपलब्ध कराता है। इसके अलावा कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी, चीला या पूरी भी व्रत में खाई जा सकती है। ये खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते।
सूखे मेवे और मखाना भी व्रत के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। बादाम, अखरोट, किशमिश और काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को हेल्दी फैट, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व देते हैं। वहीं घी में हल्का भुना हुआ मखाना स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होता है। दिनभर में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इनका सेवन करने से कमजोरी और थकान महसूस नहीं होती।
व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना भी उतना ही जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ नारियल पानी, नींबू पानी या घर का बना ताजा फलों का जूस लिया जा सकता है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पूरे दिन ताजगी बनी रहती है।
फलाहार बनाते समय सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग करना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। वहीं अत्यधिक तला-भुना भोजन, ज्यादा मिठाई और अधिक तेल वाले व्यंजनों से बचना चाहिए। ऐसे खाद्य पदार्थ पाचन पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं और सुस्ती बढ़ा सकते हैं।
शाम को व्रत खोलते समय हल्का और सुपाच्य भोजन करना बेहतर माना जाता है। आप फल, साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की रोटी, मखाना या सिंघाड़े के आटे से बनी डिश का सेवन कर सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या कोई अन्य गंभीर बीमारी है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित रहेगा। सही फलाहार, पर्याप्त पानी और संतुलित भोजन के साथ रखा गया सावन सोमवार का व्रत स्वास्थ्य और आस्था दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

