
लखीसराय के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ की जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। ADM नीरज कुमार की अध्यक्षता में बनी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम शैलेंद्र कुमार को सौंप दी है। करीब सात बिंदुओं पर हुई जांच में बिजली का पोल गिरना और कमजोर बैरिकेडिंग हादसे की प्रमुख वजह बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर परिसर में बिजली का पोल गिरने के बाद श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी फैल गई। लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और कमजोर बैरिकेडिंग उसे रोक नहीं पाई। धक्का-मुक्की के बीच एक-दो महिलाएं नीचे गिर गईं और देखते ही देखते उनके ऊपर 20 से ज्यादा महिलाएं और बच्चियां गिर पड़ीं।
इस हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जांच टीम ने शुरुआती तौर पर बिजली विभाग और भवन प्रमंडल की लापरवाही की ओर इशारा किया है। बिजली पोल की मजबूती और बैरिकेडिंग की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
हालांकि, रिपोर्ट के बाद भी कई सवाल अनसुलझे हैं। मंदिर में कितनी भीड़ थी, पुलिस और सुरक्षा बल कितने तैनात थे और भीड़ को नियंत्रित करने की पहले से क्या तैयारी थी, इसका स्पष्ट जवाब रिपोर्ट में नहीं मिलता। अगर बैरिकेडिंग कमजोर थी तो श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने से पहले उसकी जांच क्यों नहीं हुई? एंट्री-एग्जिट की व्यवस्था कैसी थी? इन सवालों का जवाब भी अब जरूरी है।
फिलहाल रिपोर्ट ने बिजली विभाग और भवन प्रमंडल की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी तय नहीं होने से हादसे की पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है।

