
‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष पर मोदी सरकार ने ऐतिहासिक गलती सुधारी, पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप दिया, लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस फिर उसी तुष्टीकरण की राह पर है
देशवासियों से यह अपील है कि एकजुट होकर कांग्रेस के इस तुष्टीकरण के खिलाफ आवाज बुलंद करें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने आज कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला और कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने ‘वंदे मातरम’ के केवल दो छंद गाने का निर्णय लेकर 1937 की तुष्टीकरण की राजनीति को फिर दोहराया है।
अमित शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस के इसी निर्णय ने देश के विभाजन की नींव मजबूत की थी। ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मोदी सरकार ने इस ऐतिहासिक गलती को सुधारते हुए सरकारी कार्यक्रमों में पूर्ण गीत गाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के फैसले को तुष्टीकरण, बंकिम बाबू और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताते हुए जनता से इसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
श्री शाह ने कहा कि कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देश विरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के प्रस्ताव का अनुसरण करते हुए महान ‘वंदे मातरम’ गीत के केवल दो छंद गाने का फैसला किया है। पूरे देश को याद रखना चाहिए कि 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए ‘वंदे मातरम’ के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी। वहीं से दो-राष्ट्र के सिद्धांत को ताकत मिली और अंततः देश का विभाजन हुआ तथा पाकिस्तान का जन्म हुआ। आज जब उस ऐतिहासिक गलती को ‘वंदे मातरम’ के गीत के प्राकट्य के 150वें वर्ष में मोदी सरकार ने सुधारते हुए बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को फिर से सुदृढ़ करने का प्रयास किया है और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया है तथा उस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया है, तो कल कांग्रेस ने इसकी अवहेलना करने का निर्णय लिया है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल उसकी घोर तुष्टीकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस ने स्वर्गीय बंकिम बाबू की इस अमर कृति का न केवल अपमान किया है, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया है, जो ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते-लगाते देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए और जिन्होंने कई साल जेल में काटे। आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपने पार्टी प्रस्ताव को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। हमें बड़ा आश्चर्य है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार इस देश में तुष्टीकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है। हम देश की जनता से अपील करते हैं कि एक बार इस देश ने ‘वंदे मातरम’ के दो टुकड़े होने देने की गलती की थी और उस गलती के गंभीर परिणाम देश ने भुगते हैं।

