
त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले करीब 15 दिनों में चीनी के दाम में लगभग 20 रुपये प्रति किलो तक का उछाल आया है। इसका असर सीधे घर की रसोई के साथ साथ मार्केट की चाय से लेकर मिठाई और दूसरी खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगी।
बढ़ती कीमतों और घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ-शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात को मंजूरी दी है। इसका मकसद बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ाना और कीमतों पर बढ़ते दबाव को कम करना है।
चीनी की बढती कीमत के कई कारण बताया जा रहे है । घरेलू उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक में कमी के साथ साथ त्योहारों से पहले बढ़ती मांग भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और दिवाली जैसे त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य सामानों की मांग बढ़ जाती है। जिससे उपलब्ध स्टॉक में कमी आ जाती है ..
महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े चीनी उत्पादक राज्यों में मौसम और बारिश को लेकर चिंता ने अगले सीजन के उत्पादन पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले सीजन में चीनी के निर्यात और मौजूदा स्टॉक में कमी का असर भी बाजार पर दिखाई दे रहा है।
सरकार की ओर से मंजूर किया गया ड्यूटी-फ्री आयात 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। वहीं, बड़े डीलरों के लिए स्टॉक की सीमा भी तय की गई है। सरकार की कोशिश है कि बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनी रहे और त्योहारों के दौरान चीनी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी न हो।
अब देखना ये है कि चीनी की बढती दम घटेगी या त्योहारों में मांग बढ़ने के कारण ये और बढेगी।

