PostNxt - Breaking News
Advertisement
Premium Placement

Grow Your Brand with PostNxt Media

Advertise Here

AI मानव क्षमता को बढ़ाने का काम कर रहा, बेरोजगारी नहीं लाएगा,बस यह काम करना है

postnext

postnext

Mar 10, 2026 · 1:08 AM
Share:
AI मानव क्षमता को बढ़ाने का काम कर रहा, बेरोजगारी नहीं लाएगा,बस यह काम करना है
Promoted Story

Reach 5 Million Readers Monthly Across Our Networks

Place your business advertisement on India's fastest-growing news portal.

Get Media Kit

 

रांची: यह महत्वपूर्ण समाचार है।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव क्षमताओं को बढ़ाने का कार्य करता है, न कि मानव रोजगार को समाप्त करने का। समय के साथ हमें अप-टूडेट रहना होगा, जिससे हम परिवर्तनों के साथ कदमताल कर सकें। आज के युवा कई मायनों में अपनी पिछली पीढ़ियों से अलग हैं। अतएव परिवर्तन को अंगीकार करना और इसका वाहक बनना समय की मांग है। यह बातें आज आदित्य बिरला ग्रुप (कॉरपोरेट अफेयर्स) के अध्यक्ष डॉ विनोद के शर्मा ने कही। वे आज सरला बिरला विश्वविद्यालय में ‘एआई एंड एमएल फॉर एजुकेटर्स’ विषय पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं तथा आने वाले समय में निश्चित तौर पर एआई और एमएल का महत्व और बढ़ेगा।

झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के सहयोग से झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी और डिपार्टमेंट ऑफ हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन के आयोजन तले इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डिपार्टमेंट ऑफ हायर एंड टेक्निकल एजुकेशन की उपनिदेशक डॉ. विभा पांडेय ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों का क्षमता विकास करना है। उन्होंने बताया कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा एआई एवं एमएल के क्षेत्र में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एस. बी. दांडिन ने कहा कि एआई एवं एमएल जैसे अत्याधुनिक विषयों पर आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस पहल के लिए झारखंड स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी पाँच दिनों में प्रतिभागियों को इन उभरती तकनीकों के बारे में उपयोगी जानकारी प्राप्त होगी।

एसबीयू के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने अपने संबोधन में कहा कि सरला बिरला विश्वविद्यालय में इस महत्वपूर्ण फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। यह कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से समृद्ध कर शिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एआई एवं एमएल भविष्य की महत्वपूर्ण तकनीकें हैं। उन्होंने बताया कि एआई की आधारशिला जॉन मैकार्थी द्वारा रखी गई थी, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जनक माना जाता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एआई और मशीन लर्निंग के लिए डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इन तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य, कृषि और समाज से जुड़े कई जटिल समस्याओं का समाधान संभव है।

कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. विश्वजीत करन ने एआई, मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क एवं लार्ज लैंग्वेज मॉडल जैसे विषयों की संक्षिप्त जानकारी देते हुए पांच दिवसीय कार्यक्रम में होनेवाले सत्रों के विषय में संक्षेप में जानकारी दी।

इंजीनियरिंग एवं एप्लाइड साइंसेज के डीन डॉ. पंकज कुमार गोस्वामी ने बताया कि विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स लैब एवं एआई-एमएल से संबंधित कई प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जो शोध और नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जटिल समस्याओं के समाधान और निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

तकनीकी सत्र में कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल अवधारणा पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एआई के माध्यम से ऐसे सॉफ्टवेयर विकसित किए जा सकते हैं जो पढ़ने, समझने, अनुवाद करने, सीखने और निर्णय लेने जैसे कार्य कर सकें। उन्होंने एआई के विभिन्न अनुप्रयोगों और सेल्फ-ड्राइविंग कार के उदाहरण भी प्रस्तुत किए। मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर भी उन्होंने विस्तार से चर्चा की।

सत्र के दौरान डॉ. विश्वजीत ने प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाओं से परिचित कराते हुए गुणवत्तापूर्ण डेटा से मॉडल की सटीकता की बात कही। एथिकल एआई पर डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव इसके नैतिक उपयोग पर जोर देते हुए फिशिंग अटैक, साइबर अटैक, स्कैम और डीपफेक जैसे खतरों के प्रति आगाह किया। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर आनंद कुमार विश्वकर्मा, श्वेता मेहता,  निशांत कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीप्ति कुमारी ने किया।

सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति  बिजय कुमार दलान एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने इस एफडीपी के आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया है।

#SBU #AI

Found this article helpful? Share it:

Share: