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CBSE Result: DPS की प्रण्या प्रिया ने कैसे 99.6% अंक हासिल किए, जानिए

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Apr 16, 2026 · 12:13 PM
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CBSE Result: DPS की प्रण्या प्रिया ने कैसे 99.6% अंक हासिल किए, जानिए
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न्यूज डेस्क: यह अच्छी ख़बर है।CBSE की 10 वीं का परीक्षाफल कल जारी हुआ है।इस परीक्षा में झारखंड के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। छात्राओं ने बेहतरीन रिजल्ट देकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।वहीं, रांची की होनहार छात्रा प्रण्या प्रिया 99.6 प्रतिशत अंकों के साथ स्टेट टॉप की है। उनकी सफलता चर्चा का केंद्र बनी हुई है।कई अन्य विद्यालय ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।JVM श्यामली के बच्चों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।सरला बिरला पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है।

रांची के दिल्ली पब्लिक स्कूल का प्रदर्शन भी खासा चर्चा में है। यहां की छात्रा प्रण्या प्रिया ने 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।उन्हें राज्य के टॉपर्स की श्रेणी में भी देखा जा रहा है। प्रण्या प्रिया शैक्षणिक वातावरण परिवार से आती है. जहां शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई। उनके पिता डॉ. मनोज कुमार प्रसाद रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान), रांची के मेडिसिन विभाग में चिकित्सक हैं बेटी की इस उपलब्धि पर पूरा परिवार बेहद खुश और गर्वित है।

माता-पिता का बड़े विश्वास से कहना है कि उन्हें अपनी बेटी पर शुरू से ही भरोसा था और उसी भरोसे ने उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रण्या प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि मैंने कभी टॉपर बनने के दबाव में पढ़ाई नहीं की. मेरा फोकस हमेशा नियमित पढ़ाई और कॉन्सेप्ट को समझने पर रहा।यही वजह है कि मैं यह मुकाम हासिल कर पाई। प्रण्या ने आगे बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें पढ़ाई के लिए मोबाइल दिया था, लेकिन उन्होंने उसका सदुपयोग ही किया। मैं मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई से जुड़े कंटेंट देखने और कभी-कभी गाने सुनने के लिए करती थी, लेकिन कभी उसका गलत इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने अपने जूनियर्स को भी संदेश दिया कि मोबाइल का उपयोग करें, लेकिन उसका दुरुपयोग बिल्कुल न करें. प्रण्या का सपना अपने पिता की तरह डॉक्टर बनने का है।

उन्होंने कहा कि वह आगे चलकर मेडिकल क्षेत्र में ही अपना करियर बनाना चाहती हैं और समाज की सेवा करना चाहती हैं।वहीं उनके माता-पिता ने भी कहा कि उन्होंने बेटी को स्वतंत्रता दी, लेकिन साथ ही यह भरोसा भी रखा कि वह उसका सही इस्तेमाल करेगी और प्रण्या ने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया।

प्रण्या प्रिया का स्पष्ट मानना है कि पढ़ाई कभी भी तनाव या दबाव में नहीं करनी चाहिए. अगर आप रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ते हैं और चीजों को समझकर आगे बढ़ते हैं, तो सफलता अपने आप मिलती है। उन्होंने कहा कि झारखंड के इस शानदार प्रदर्शन के बीच प्रण्या प्रिया की सफलता न सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह राज्य के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।

प्रण्या प्रिया की सफलता पर उनके दादा-दादी भी खुश हैं। भर भर कर आशीर्वाद दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि बचपन से ही प्रण्या पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित रही है। परिवार में हमेशा शिक्षा का माहौल रहा, जिसका सकारात्मक असर उस पर साफ दिखता है। दादा-दादी ने भावुक होकर कहा कि आज उनकी पोती ने पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है और यह उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रण्या आगे भी इसी तरह मेहनत कर अपने सपनों को साकार करे और समाज में एक मिसाल बने।

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