
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची के मोराबादी स्थित बापू वाटिका में अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया है। शुक्रवार सुबह आरंभ हुए इस आंदोलन का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को मजबूती से उठाना है। 
देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि राज्य के हजारों युवा वर्षों तक कठिन मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो इससे अभ्यर्थियों का विश्वास कमजोर होता है। उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के कारण योग्य उम्मीदवारों के भविष्य पर असर पड़ रहा है। इसलिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाना आवश्यक है। JLKM ने सरकार और संबंधित भर्ती आयोगों से मांग की है कि चयन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाई जाए और किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का मानना है कि सरकारी नौकरियों में समान अवसर और निष्पक्ष चयन युवाओं का अधिकार है, जिसे किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। आंदोलन के दौरान संगठन ने राज्यभर के प्रतियोगी छात्रों और युवाओं से सत्याग्रह में शामिल होने की अपील भी की है। JLKM का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और भर्ती व्यवस्था में विश्वास बहाल करने का प्रयास है। अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया और इस आंदोलन के अगले चरण पर टिकी हुई है।

