PostNxt - Breaking News
Advertisement

अंधानुकरण से बचने की जरूरत है, चुनौती को स्वीकार करें

postnxt

postnxt

May 03, 2026 · 10:09 AM
Share:
अंधानुकरण से बचने की जरूरत है, चुनौती को स्वीकार करें
Advertisement

 

न्यूज डेस्क: शिक्षा के क्षेत्र में एक मानक संस्थान सरला बिरला विश्वविद्यालय में विषय विशेषज्ञ अक्सर आते रहते हैं। उनके विचार प्रेरक और फलदाई होते हैं । ऐसा ही एक कार्यक्रम है Expert Talk.

एसबीयू द्वारा आयोजित एक्सपर्ट टॉक में बोले सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता सुधीर मिश्रा:-

‘विद्यार्थियों को विधि को केवल एक पेशे के तौर देखने की बजाए एक कौशल (Skill ) के तौर पर देखना चाहिए, इसमें समर्पण, स्पष्टता जैसे विशिष्ट गुणों के अलावा विशेष पहचान के विकास की भी जरूरत होती है। साथ ही उन्हें आर्थिक लाभ को प्राथमिकता देने के बजाय अपने कौशल, दक्षता और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’ ये बातें सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता एवं ट्रस्ट लीगल के संस्थापक सह मैनेजिंग पार्टनर सुधीर मिश्रा ने कही। वे सरला बिरला विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा “जर्नी ऑफ अ फर्स्ट जेनरेशन लॉयर: लेसन्स एंड ऑपर्च्युनिटीज” विषय पर आयोजित एक्सपर्ट टॉक के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को चुनौतियों को स्वीकार करने, जिज्ञासा बनाए रखने और भीड़ का अनुसरण करने की बजाय अपनी अलग राह के निर्माण करने की बात कही। विधि के छात्रों को उन्होंने जिला न्यायालयों में इंटर्नशिप करने की सलाह दी, ताकि वे केस- मुकदमों से संबंधित मूलभूत समझ और सोच का विकास कर सकें।

अपने संबोधन में उन्होंने एक प्रथम पीढ़ी के वकील के रूप में अपने संघर्षपूर्ण सफर की चर्चा करते हुए बताया कि बिना किसी कानूनी पृष्ठभूमि के इस क्षेत्र में आनेवाली अनगिनत चुनौतियों का उन्होंने डटकर सामना किया एवं एक पर्यावरण अधिवक्ता के रूप में स्थापित हुए। उन्होंने महज 28 वर्ष की उम्र में ही अपने द्वारा लॉ फर्म की स्थापना का भी जिक्र किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को पेशेवर ईमानदारी बनाए रखने और उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विधि के मूल सिद्धांतों की मजबूत नींव ही एक सफल कानूनी करियर का आधार होती है।

विधि विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. सुबीर कुमार ने ट्रस्ट लीगल लॉ फर्म का परिचय प्रस्तुत करते हुए इसकी कार्य पद्धति एवं विद्यार्थियों के लिए इसमें उपलब्ध अवसरों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी चला, जिसमें विवि के छात्रों ने कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापिका कोमल गुप्ता एवं समापन विधि विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर डीन डॉ. आर. के. सिंह ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की और कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।

सरला बिरला विश्वविद्यालय के  प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, कुलपति प्रो सी जगनाथन एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने एक्सपर्ट टॉक के आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस तरह के आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया है।

#SBU

Found this article helpful? Share it:

Share: