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SBU में क्लाइमाथॉन का हुआ शुभारंभ, जानिए क्या है यह

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Mar 24, 2026 · 12:13 AM
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SBU में क्लाइमाथॉन का हुआ शुभारंभ, जानिए क्या है यह
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रांची: यह महत्वपूर्ण समाचार है।यह जिज्ञासा उत्पन्न करने वाला समाचार है।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा सोशल इनीशिएटिव थ्रू डेवलपमेंट एंड ह्यूमैनिटेरियन एक्शन (सीधा) के सहयोग से, राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन रणनीतिक ज्ञान मिशन के अंतर्गत सरला बिरला विश्वविद्यालय में दो दिवसीय ट्रेनिंग-कम-क्लाइमाथॉन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों—इंजीनियरिंग, विधि, नर्सिंग, प्रबंधन, पत्रकारिता, जनसंचार एवं फार्मास्यूटिकल्स से डेढ़ सौ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के पहले दिन सीधा द्वारा जलवायु परिवर्तन पर एक विस्तृत परिचय सत्र के साथ हुआ। इसके बाद चार वृत्तचित्रों के माध्यम से वैश्विक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने लाइफ साइकिल असेसमेंट तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं के संसाधन मानचित्रण पर कार्य किया। इसके उपरांत विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने विभिन्न चुनौतियों पर आधारित रचनात्मक पोस्टर तैयार किए।

प्रतिभागियों को बारह समूहों में विभाजित किया गया, जिनमें प्रत्येक समूह ने खाद्य, जल, अपशिष्ट, वन, स्वास्थ्य, जेंडर, खनन, ऊर्जा, उद्योग, परिवहन, आपदा एवं पारंपरिक पारिस्थितिकी ज्ञान जैसे विषयों पर नवाचारी समाधान प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सी जगनाथन, रजिस्ट्रार प्रो श्रीधर डांडिन, विश्वनाथ शाह, रवि रंजन तथा हेमंत कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने विद्यार्थियों को झारखंड की जनजातीय जीवनशैली का अध्ययन कर स्थानीय स्तर पर जलवायु समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए थिंक ग्लोबल, एक्ट लोकल का संदेश दिया। वहीं  विश्वनाथ शाह ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व देते हुए चाय के लिए गन्ने के गूदे से बने बायोडिग्रेडेबल बैगास कप का उपयोग किया गया, जिससे सूखे एवं गीले कचरे को न्यूनतम रखा जा सका।

इस आयोजन की सफलता में सीधा के पंद्रह फेलिसिटेटर्स, विश्वविद्यालय के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग के संकाय एवं कर्मचारियों तथा स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

झारखंड में पहली बार जलवायु परिवर्तन पर इस स्तर पर पहली बार किए जा रहे आयोजन पर एसबीयू के प्रतिकुलाधिपति  बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो गोपाल पाठक एवं राज्यसभा सांसद सह निदेशक प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामना संदेश प्रेषित किया है।

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