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SC के फैसले के बाद सीता सोरेन मामले को लेकर भाजपा सोरेन परिवार पर हमलावर

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Mar 05, 2024 · 12:53 AM
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:सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बेनकाब हुआ शिबू सोरेन परिवार:

-एमपी, एमएलए बनकर लूटने का कोई अवसर नहीं छोड़ता शिबू सोरेन परिवार-

रांची – सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी सांसद या विधायक रिश्वत लेकर सदन में प्रश्न नहीं पूछ सकता है. अगर वह ऐसा करता है तो वह अपराध के दायरे में आता है.यह भ्रष्टाचार है यह रिश्वतखोरी है.यह किसी भी तरह से संवैधानिक तरीके से सही नहीं है. इस पर बयानबाजी शुरू हो गई है.भाजपा प्रदेश बाबूलाल मरांडी ने फिर एकबार शिबू सोरेन परिवार पर बड़ा हमला बोला.बाबूलाल मरांडी राज्य सभा चुनाव मामले में सीता सोरेन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के निर्णय पर आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे.

बाबूलाल मरांडी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित सात जजों के संविधान पीठ के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस केस के शिकायत कर्त्ता में वे स्वयं शामिल रहे हैं और आज के फैसले से शिबू सोरेन परिवार की सच्चाई फिर एकबार उजागर हुई है.

उन्होंने कहा कि झारखंड से जुड़ा यह मामला 2012के राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है जिसमे झामुमो विधायक सीता सोरेन के ठिकानों से पैसे बरामद हुए थे. सीबीआई ने उनके ऊपर आपराधिक मामला दर्ज किया था.सीता सोरेन ने अपने बचाव में हाईकोर्ट में अपील की. हाई कोर्ट में रद्द होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और आज मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित साथ जजों के संविधान पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह फैसला कई मिथक को तोड़ने वाला है.चाहे सदन हो या कहीं और यदि मामला आपराधिक है तो आपराधिक ही माना जायेगा.कोई पैसा लेकर सवाल पूछे या वोट दे सभी आपराधिक हैं.

उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन परिवार ने इस मामले में इतिहास रचा है.एमएलए, एमपी बनकर शिबू सोरेन परिवार ने पैसा लूटने का कोई अवसर नहीं छोड़ा है.

उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन का राजनीतिक उद्देश्य है केवल पैसा कमाना और लूटना.इनकी राजनीति जनता केलिए नही बल्कि परिवार के स्वार्थ की पूर्ति हेतु है.

उन्होंने कहा कि यह परिवार पहले पैसा,जमीन,खान खनिज लूटता है और फिर पकड़े जाने पर उसे वापस करने का नाटक करता है.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन ने पहले मुख्यमंत्री रहते अपने नाम खदान आवंटित किया फिर उसे रद्द कर दिया. 8.5 एकड़ जमीन मामले में भी बातें जब उजागर हुई तो आनन फानन में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए जमीन को मूल रैयत को वापस करने का प्रयास किया.

कहा कि एक तरफ लोग चिल्ला कर कह रहे यह जमीन हेमंत सोरेन का है और मनी लांड्रिंग तो यही होता है जिसमे बेनामी संपत्ति अर्जित की जाती है. शिबू सोरेन तो लोकपाल को पुराना मामला बताकर रिलीफ की मांग कर रहे.

उन्होंने कहा कि चोरी जब पकड़ी जायेगी तभी सजा मिलती है.समय बीत जाने से अपराध कम नहीं हो जाता.

उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन परिवार पहली दफा नहीं बल्कि कई बार राज्यसभा चुनाव में पैसे की वसूली का रिकॉर्ड बना चुका है.

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