रांची। झारखंड सरकार राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने नेपाल हाउस सचिवालय में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार, प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन के माध्यम से अधिक आय उपलब्ध कराना होना चाहिए।
बैठक में मंत्री ने मधुमक्खी पालन योजना के लिए एक समर्पित वेबसाइट विकसित करने का निर्देश दिया। इस वेबसाइट पर योजना से लाभान्वित प्रत्येक किसान की प्रोफाइल, सफलता की कहानियां और मधु उत्पादों के विपणन की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी और अन्य किसान भी इस योजना से प्रेरित होंगे।
शिल्पी नेहा तिर्की ने हाईटेक नर्सरी सह उद्यानिकी पार्क की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने और आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलुरु से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) प्राप्त कर जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही गोधन न्याय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
बैठक में नगड़ी में मॉडल एकीकृत पैकहाउस एवं कृषि-प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना का संचालन आईसीएआर-एनआईएसए, नामकुम द्वारा किया जाएगा। इस केंद्र के शुरू होने से किसानों को वैज्ञानिक भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनकी उपज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच सकेगी।
मंत्री ने उद्यान विकास योजनाओं में क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाने और सभी प्रमंडलों में नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि झारखंड के कृषि और उद्यानिकी उत्पाद देश और विदेश के बाजारों में अपनी अलग पहचान बना सकें तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो।


