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भाजपा के संपर्क में JMM और कांग्रेस के कई विधायक

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Jan 02, 2024 · 9:17 AM
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रांची- झारखंड में नए साल के आगाज से ही राजनीतिक उथल-पुथल शुरू हो गई है.यह हलचल सत्ता पक्ष के खेमे में हुई है .झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद से तो हर दिन लग रहा है जैसे क्या कुछ हो जाएगा.अभी तक जो संकेत है वह स्पष्ट है और वैसा ही होने जा रहा है.साफ तौर पर लग रहा है कि मुख्यमंत्री इस्तीफा देकर अपनी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाएंगे.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक सरफराज अहमद से सीट खाली करवा लिया गया है.मुख्यमंत्री सोच रहे हैं कि 6 महीने के अंदर संवैधानिक प्रावधान के अनुरूप गांडेय में उप चुनाव कराया जाएगा.ऐसे में उनकी धर्मपत्नी इस अनारक्षित विधानसभा सीट से चुनकर अपनी सदस्यता बना लेंगी.उल्लेखनीय है कि इसी साल के अंत में झारखंड विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है.
अब झारखंड बीजेपी की बात सुन लीजिए.भाजपा पर यह लगातार आरोप लगता रहा है कि राज्य की गठबंधन वाली हेमंत सरकार को हर तरह से परेशान किया जाता रहा है.सरकार बनने के बाद से ही तरह-तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं.कभी विधायकों को प्रभावित किया जाता रहा है. इस पर झारखंड बीजेपी के महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी डॉक्टर प्रदीप वर्मा कहते हैं कि गठबंधन की सरकार अपने आप में विरोधाभास से ग्रसित है.भ्रष्टाचार और अन्य तरह के आरोपों से घिरी है.हेमंत सरकार जनता की नजर में गिर गई है.इसे गिराने की कोई कोशिश नहीं की जा रही है.झारखंड में खनिज संसाधनों की तस्करी की जांच चल रही है.इसके अलावे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं.उन्होंने आदिवासी जमीन को जहां-तहां खरीदा है .जमीन संबंधी सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करके उन्होंने यह काम किया है.यहां तक कि उन्होंने अपना और अपने पिता का भी नाम सेल डीड में बदल दिया है.ये सारे उदाहरण हैं कि किस प्रकार से सत्ता का दुरुपयोग किया गया है और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है.प्रदीप वर्मा का कहना है कि झारखंड में विकास का काम ठप हो गया है.राज्य की जनता देख रही है आने वाले समय में जनता इस ठगबंधन सरकार को जवाब देगी जिसमें कांग्रेस भी एक महत्वपूर्ण साझेदार है. प्रदीप वर्मा का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के पास नहीं जा रहे हैं.अब प्रवर्तन निदेशालय ने उनके ही पास जाकर पूछताछ करने के लिए कहा तो उसके लिए भी वे तैयार नहीं हैं.ये सारे तथ्य यह बताते हैं कि दाल में कुछ कल नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है.
इधर भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देश में विकास के कार्य को देखते हुए दूसरे दलों के भी कई विधायक और नेता भाजपा में आने के लिए उत्सुक हैं.ये लोग समझ रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है. आने वाले समय में कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा की गई नेता या विधायक पार्टी में शामिल हो सकते हैं.

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