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शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ का बड़ा संदेश, 80 यूनिट रक्तदान के साथ चरणबद्ध आंदोलन का आगाज

@karishma

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Aug 04, 2026 · 5:45 PM
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शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ का बड़ा संदेश, 80 यूनिट रक्तदान के साथ चरणबद्ध आंदोलन का आगाज
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रांची में दिशोम गुरु एवं झारखंड आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार रहे स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने सामाजिक सेवा और कर्मचारी हितों को जोड़ते हुए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। नेपाल हाउस और प्रोजेक्ट भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धांजलि सभा, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में सचिवालय सेवा से जुड़े बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रक्तदान शिविर के दौरान कुल 80 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जिसे संघ ने मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन को बचाने का प्रभावी माध्यम भी है। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों ने समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचय दिया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और संघर्षों को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने झारखंड की पहचान, अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनकी स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देता है।

इसी अवसर पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों के समर्थन में प्रस्तावित चरणबद्ध, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के सेवा हितों से जुड़े मुद्दों की लगातार उपेक्षा की जा रही

रांची में दिशोम गुरु एवं झारखंड आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार रहे स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने सामाजिक सेवा और कर्मचारी हितों को जोड़ते हुए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। नेपाल हाउस और प्रोजेक्ट भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धांजलि सभा, स्वैच्छिक रक्तदान शिविर और कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रस्तावित चरणबद्ध आंदोलन का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में सचिवालय सेवा से जुड़े बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रक्तदान शिविर के दौरान कुल 80 यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जिसे संघ ने मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के जीवन को बचाने का प्रभावी माध्यम भी है। इस पहल के माध्यम से कर्मचारियों ने समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचय दिया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और संघर्षों को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने झारखंड की पहचान, अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनकी स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और कर्मचारियों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देता है।

इसी अवसर पर झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने अपनी लंबित और न्यायोचित मांगों के समर्थन में प्रस्तावित चरणबद्ध, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के सेवा हितों से जुड़े मुद्दों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण अब शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक दायरे में रहकर संचालित किया जाएगा और इसका उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है।

संघ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी सदस्यों से 5 अगस्त 2026 को प्रस्तावित मानव श्रृंखला कार्यक्रम तथा 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले “काला बैज सप्ताह” में सक्रिय भागीदारी की अपील की। संघ का कहना है कि एकजुटता और अनुशासित भागीदारी से ही कर्मचारियों की मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाया जा सकेगा।

रक्तदान, श्रद्धांजलि और कर्मचारी एकता का यह आयोजन सामाजिक सरोकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ।है, जिसके कारण अब शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक दायरे में रहकर संचालित किया जाएगा और इसका उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है।

संघ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी सदस्यों से 5 अगस्त 2026 को प्रस्तावित मानव श्रृंखला कार्यक्रम तथा 6 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले “काला बैज सप्ताह” में सक्रिय भागीदारी की अपील की। संघ का कहना है कि एकजुटता और अनुशासित भागीदारी से ही कर्मचारियों की मांगों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचाया जा सकेगा।

रक्तदान, श्रद्धांजलि और कर्मचारी एकता का यह आयोजन सामाजिक सरोकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ।

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