PostNxt - Breaking News
Advertisement
Premium Placement

Grow Your Brand with PostNxt Media

Advertise Here

सरफराज अहमद‌ ने इस्तीफा देकर कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता दिया?

postnxt

postnxt

Jan 01, 2024 · 8:13 PM
Share:
Promoted Story

Reach 5 Million Readers Monthly Across Our Networks

Place your business advertisement on India's fastest-growing news portal.

Get Media Kit

*JMM सरफराज अहमद के इस्तीफे बाद तेज हुई झारखंड की राजनीति, भाजपा के बड़े नेता ने क्या कहा*

रांची – जेएमएम के विधायक गांडेय से विधायक थे. साल 2024 का पहला दिन ही इस नए राजनीतिक डेवलपमेंट से गरमा गया है. सरफराज अहमद का इस्तीफा का माने मतलब निकाला जा रहा है. लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर सरफराज अहमद ने यह कुर्बानी क्यों दी.
गांडेय से भी झारखंड मुक्ति मोर्चा के चुनाव पर 2019 में चुनाव जीते सरफराज अहमद ने विधानसभा के सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. सरफराज अहमद सामान्य यानी अनारक्षित सीट से 2019 में झामुमो के टिकट पर चुनाव जीते थे. सरफराज अहमद पुराने कांग्रेसी नेता रहे हैं.
इस विषय पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता विनोद पांडे ने कहा कि पार्टी सारी चीजों को नजर रख रही है.वैसे तो उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने के कारण का पता नहीं है. वैसे यह सभी लोग समझ रहे हैं कि इस्तीफा देने का मकसद क्या है. यही कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कुर्सी छोड़ देंगे और मुख्यमंत्री का पद अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को दे देंगे.झारखंड विधानसभा के चुनाव में अभी लगभग कम से कम 10 महीने का वक्त है.इसी प्रावधान के तहत गांडेय विधानसभा क्षेत्र से कल्पना सोरेन को अगले छह महीने के अंदर चुनाव लड़ा कर जिताया जाएगा. यही कुछ सोच कर यह सब हो रहा है.सूत्र बताते हैं कि ईडी मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर शिकंजा कस रहा है.इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है. यानी नेतृत्व परिवर्तन के लिए यह काम किया गया है. एक दो दिनों में इस विषय पर बड़ा फैसला आ सकता है. उधर गुड्डा से संसद में सेकंड दुबे ने कहा है कि सरफराज अहमद का इस्तीफा कल्पना सोरेन के लिए हुआ है.उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में अब कोई उपचुनाव नहीं हो सकता है. उन्होंने एक उदाहरण का हवाला भी दिया है.

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश का कहना है कि वैसे तो सरफराज अहमद का इस्तीफा झारखंड मुक्ति मोर्चा का अंदरूनी मामला है. फिर भी यह लग रहा है जैसे की पार्टी के अंदर और सरकार में कुछ ठीक-ठाक नहीं है. भाजपा भी तमाम राजनीतिक कवायत पर नजर रखे हुए है. दीपक प्रकाश ने यह भी कहा कि चुनाव आ रहा है. पहले लोकसभा चुनाव होगा उसके बाद विधानसभा चुनाव. उनकी पार्टी यानी भाजपा के संपर्क में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के कई विधायक हैं. आप उनका यह भैया महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

झारखंड के गांडेय से जेएमएम विधायक सरफराज अहमद अपने इस निर्णय के पीछे का कारण बताया है. उन्होंने कहा है कि बिल्कुल व्यक्तिगत कारणों से अपनों ने यह फैसला लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के हित में यह निर्णय लिया गया है.

Found this article helpful? Share it:

Share: