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JSSC CGL परीक्षा के रिजल्ट प्रशासन पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, देवेंद्र नाथ महतो रिहा

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Dec 17, 2024 · 1:55 PM
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JSSC CGL परीक्षा के रिजल्ट प्रशासन पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, देवेंद्र नाथ महतो रिहा
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रांची- JSSC CGL परीक्षा के परिणाम पर झारखंड हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है.ताजा जानकारी के अनुसार इससे संबंधित याचिका पर  सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को झटका दे दिया है.यह कहा गया है कि याचिका पर पूरी सुनवाई होने के बाद ही रिजल्ट का प्रकाशन होगा.मालूम हो कि झारखंड हाई कोर्ट में छात्रों ने याचिका दायर कर परीक्षा में हुई गड़बड़ी का आरोप लगाया था लेकिन इस बीच झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने रिजल्ट भी प्रकाशित कर दिया और डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन भी शुरू कर दिया है.इस पूरे मामले में की सुनवाई 22 जनवरी 2025 को होगी.

छात्र विद्यार्थी छात्रों को यह शिकायत थी की परीक्षा के आयोजन में भ्रष्टाचार हुए हैं.पेपर लीक हुआ है.इसलिए परीक्षा रद्द की जानी चाहिए.लेकिन इधर राज्य सरकार इस मामले ने पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में इसकी सीआईडी से जांच करने का आदेश दिया है जबकि आयोग ने इससे संबंधित परीक्षा फल जारी कर दिया है जिसमें 2100 से अधिक अभ्यर्थी सफल हो चुके हैं. आंदोलन करने वाले छात्रों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता और वरिष्ठ वकील अजीत कुमार ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा उल्लेखनीय है कि छात्रों का एक बड़ा समूह इस परीक्षा में कथित रूप से धांधली की शिकायतकर्ता आ रहा है पेपर लीक जैसे मामले को उठता रहा है और पूरी परीक्षा को ही रद्द करने की मांग होती रही है 16 दिसंबर को आंदोलनरत छात्रों ने जेएसएससी मुख्यालय का घेराव करने का कार्यक्रम बनाया था. बड़ी संख्या में राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए थे रांची पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम आयोग के आसपास कर रखा था.पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए लाठी चार्ज भी किया जिसमें छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की जमकर पिटाई कर दी. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने पकड़ लिया था लेकिन मंगलवार को रिहा कर दिया गया. अपनी रिहाई पर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि शायद सरकार को यह समझ में आ गया कि अगर उसे जेल भेजा गया तो पूरा राज्य अशांत हो जाएगा क्योंकि वह जिस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे थे वह जायज मांग था.हाई कोर्ट के द्वारा रिजल्ट प्रशासन पर भी रोक लगाना इसका एक उदाहरण है.

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