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उत्पाद विभाग में भर्ती के दौड़ में कई युवाओं की मौत, भाजपा ने हमला किया

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Aug 31, 2024 · 9:31 PM
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रांची- झारखंड में उत्पाद विभाग में सिपाही की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई है.इसके लिए फिजिकल टेस्ट हो रहा है. अभ्यर्थियों को दौड़ाया जा रहा है.जगह-जगह पर परीक्षा ली जा रही है.इस परीक्षा में हादसा भी हो रहा है.कई युवा इस  उमस भरी गर्मी में परेशान होकर बेहोश हो जा रहे हैं.कई लोगों की मौत हो गई है.भाजपा ने इस पर सरकार को घेरने  का प्रयास किया है.

झारखंड भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उत्पाद सिपाही भर्ती की अधिसूचना 8 अगस्त को निकली, 14 अगस्त को एडमिट कार्ड दिया गया और शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिए 22 अगस्त से दौड़ का आयोजन शुरू किया गया. इतनी कम समय में दौड़ की तैयारी करना मुश्किल है फिर भी सरकार जानलेवा परीक्षा ले रही है.

सरकार द्वारा आपाधापी में भादो की गर्मी में दौड़ आयोजित कराने के कारण ही राज्य के 6 बेरोजगार युवक मौत के मुंह में समा गए.हेमंत सरकार ने भर्ती केंद्रों पर ना तो पेयजल की व्यवस्था की है और ना शौचालय की.

बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि हेमंत सोरेन, सरकार लगता है कि नौकरी नहीं बल्कि मौत बांटी जा रही है.

राज्य सरकार 6 बेरोजगार युवकों के मौत की न्यायिक जांच कराए और मृत युवकों के आश्रितों को उचित मुआवजा तथा सरकारी नौकरी उपलब्ध कराए.

नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी   ने कहा कि उत्पाद विभाग की भर्ती प्रक्रिया पिछले कुछ दिनों से चल रही है.जिसमें छात्रों को 1 घंटे में 10 किलोमीटर के दौड़ पूरी करनी होती है.इस दौड़ में कई बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे हैं, वहीं बच्चों की मौत भी हो चुकी है.

नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने उत्पाद विभाग की भर्ती पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार का तुगलकी फरमान ही है कि पहले तो 5 वर्ष में नौकरी का वादा पूरा नहीं कर सके और जब युवाओं का आक्रोश सड़कों पर दिखा और विपक्ष का दबाव बढ़ा तो आनन-फानन में उत्पाद सिपाही की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी.

इस गर्मी में 1 घंटे में 10 किलोमीटर की दौड़ को पूरा करने में न जाने कितने बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए, वहीं बच्चों की जान भी चली गई है.राज्य के युवा सरकारी नौकरी को पाने के लिए अपने जान दांव पर लगाने तक को मजबूर हैं, जबकि राज्य सरकार की संवेदना मर चुकी है.

अमर कुमार बाउरी  ने राज्य सरकार से मांग किया कि इस दौड़ में जितने भी छात्रों की मौत हुई है उनके परिजनों को अविलंब मुआवजा प्रदान करें और एक मेडिकल टीम गठित कर इस दौर में सही मानकों की प्रक्रिया को पूरा करें, उनके बाद ही दौड़ करवाये.

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