ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में भारतीय महिला मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। इस कड़ी में अब अरुंधति चौधरी ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी सफलता डाल दी है। महिलाओं के 70 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में अरुंधति ने इंग्लैंड की चैंटली रीड को शानदार अंदाज में हराते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनकी इस जीत के साथ बॉक्सिंग में भारत का यह पांचवां स्वर्ण पदक बन गया।
राजस्थान के कोटा की रहने वाली 23 वर्षीय अरुंधति ने पूरे मुकाबले में आत्मविश्वास और आक्रामक खेल का शानदार नमूना पेश किया। पहले राउंड में उन्होंने 4-1 के अंतर से बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे राउंड में उनका दबदबा और मजबूत हो गया, जहां सभी जजों ने 5-0 से उनके पक्ष में फैसला दिया। तीसरे और अंतिम राउंड में भी अरुंधति ने अपने प्रदर्शन की धार बरकरार रखी और मुकाबला जीतकर भारत के लिए गोल्ड सुनिश्चित कर दिया।
अरुंधति की इस उपलब्धि के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 34 पहुंच गई है। भारत अब तक 11 स्वर्ण, 15 रजत और 8 कांस्य पदक जीत चुका है। शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय दल पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा भारत से आगे हैं।
अगर बॉक्सिंग की बात करें तो भारत अब तक 5 गोल्ड और 1 सिल्वर सहित कुल छह पदक अपने नाम कर चुका है। इससे पहले प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, साक्षी चौधरी और प्रिया घंघास भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा चुकी हैं। वहीं जादूमणि सिंह ने रजत पदक हासिल किया।
भारतीय बॉक्सिंग टीम का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। अंकुश पंघल, लवलीना बोरगोहेन, सचिन सिवाच और नरेंद्र बेरवाल जैसे कई स्टार मुक्केबाज अभी अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में उतरने वाले हैं। ऐसे में भारत के पदकों की संख्या में और इजाफा होने की पूरी उम्मीद है।
अरुंधति चौधरी की यह जीत सिर्फ एक गोल्ड मेडल नहीं, बल्कि भारतीय महिला बॉक्सिंग की बढ़ती ताकत और आत्मविश्वास का भी बड़ा उदाहरण है। जिस तरह भारतीय खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले मुकाबलों में भी देश को कई और सुनहरी खुशखबरियां मिल सकती हैं।

