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चाईबासा में नक्सली के खिलाफ बड़ी सफलता। एक करोड़ का नक्सली अनल दा ढेर।

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Jan 22, 2026 · 3:17 PM
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चाईबासा में नक्सली के खिलाफ बड़ी सफलता। एक करोड़ का नक्सली अनल दा ढेर।
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रांची : यह बहुत बड़ी ख़बर है। नक्सलियों के खिलाफ अभियान को बड़ी सफलताहसिल हुई है। केंद्रीय बलों के साथ मिलकर पुलिस ने सारंडा के घने जंगलों में नक्सलियों की कमर तोड़ दी है।गुरुवार को हुए भीषण एनकाउंटर में भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल दा (उर्फ पतिराम मांझी) को मार गिराया गया है। आईजी अभियान माइकल एस राज ने अनल के मारे जाने की पुष्टि की है। इस मुठभेड़ में अनल के साथ अन्य 9 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, जिनमें कई इनामी शामिल हैं।

यह कार्रवाई झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में छोटानागरा थाना अंतर्गत कुंभडीह गांव के पास हुई।सुरक्षा बलों को सटीक खुफिया सूचना मिली थी कि अनल दा का दस्ता बड़ी घटना की साजिश रच रहा है।इसके आधार पर कोबरा, जगुआर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की।सुबह से शुरू हुई मुठभेड़ में जबरदस्त गोलीबारी हुई। एनकाउंटर के बाद चलाए गए सर्च अभियान में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं, जिनमें एके-47, इंसास राइफल, एसएलआर और सैकड़ों कारतूस शामिल हैं. ग्रामीणों की मदद से शवों की पहचान की जा रही है

ऑपरेशन: एक करोड़ का इनामी अनल दा ढेर

कुख्यात नक्सली अनल दा झारखंड के गिरिडीह जिले का निवासी था और वर्षों से सारंडा के घने जंगलों में छिपा हुआ था।वह भाकपा (माओवादी) की झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी से जुड़ा था और संगठन की कमान संभाल रहा था।उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था।इस एनकाउंटर के बाद झारखंड में अब मात्र दो एक करोड़ के इनामी नक्सली बचे हैं। यह एक बड़ी सफलता मानी जाती है।

इस मुठभेड़ में मारे गए अन्य नक्सलियों में कई महत्वपूर्ण कमांडर शामिल बताए जा रहे हैं।पुलिस का दावा है कि यह ऑपरेशन अनल के दस्ते को पूरी तरह निशाना बनाने के लिए चलाया गया था, जिसमें मिसिर बेसरा जैसे अन्य बड़े नाम भी शामिल थे, हालांकि उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

2025 झारखंड पुलिस के लिए नक्सल विरोधी अभियान का रिकॉर्ड वर्ष

साल 2025 में एंटी नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली थी। झरखंड पुलिस के लिए नक्सल फ्रंट पर अभूतपूर्व सफलता वाला वर्ष साबित हुआ।केंद्रीय बलों के साथ मिलकर पुलिस ने नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे राज्य से लाल आतंक का सूर्य अस्त होने के कगार पर पहुंच गया।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में एनकाउंटर में 32 नक्सली मारे गए, 30 ने हथियार डाल दिए और 279 को गिरफ्तार किया गया।जनवरी से दिसंबर तक चले अभियानों में कई एक करोड़ और लाखों के इनामी नक्सलियों को खत्म किया गया।

2001 से 2010 तक झारखंड पुलिस का एनकाउंटर में नक्सली मार गिराने का रिकॉर्ड लगभग शून्य था, जब नक्सलवाद चरम पर था। लेकिन 2011 से कार्रवाई तेज हुई और 2011-2024 तक 191 नक्सलियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया।2025 में 32 की संख्या ने कुल आंकड़े को 235 तक पहुंचा दिया (2001-2025). राज्य पुलिस के प्रयासों से नक्सली प्रभावित क्षेत्र सिकुड़ गए हैं और अब मुख्य रूप से सारंडा जैसे सीमित इलाकों तक सीमित रह गए हैं।

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