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छत्तीसगढ़ में 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जानिए कैसे हुआ

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Oct 03, 2025 · 9:34 AM
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छत्तीसगढ़ में 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जानिए कैसे हुआ
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न्यूज़ डेस्क – देश को नक्सली समस्या से मुक्त करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।लगातार चल रहे आपरेशन से नक्सलियों के गढ़ में सुरक्षाबलों की पहुंच बनी है । पूरे देश में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान का बड़ा परिणाम आने लगा है। नक्सलियों को लग गया है कि उनका धंधा अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा‌।इसलिए अब वे सरकार की नीतियों का लाभ उठाते हुए सरेंडर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में ऐसा ही एक बड़ा सरेंडर कार्यक्रम आयोजित हुआ।

*छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुआ आत्मसमर्पण कार्यक्रम*

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में भाकपा माओवादियों का एक बड़ा नक्सली जत्था सरकार के समक्ष आत्म समर्पण के लिए तैयार हुआ। कुल 103 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष हथियार समेत समर्पण कर दिया।इनमें 49 इनामी नक्सली थे और उनके ऊपर 1 करोड़ 6 लाख 30000 रुपए का इनाम घोषित था। यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर माना जाता है। नक्सलियों के खिलाफ अभियान संगठन के अंदर मतभेद और समर्थकों की अपेक्षा यह सभी कारण आत्मसमर्पण के कारण बताए जाते हैं। सरकार की ओर से इन सभी नक्सलियों को पुनर्वास वह आत्मसमर्पण नीति के तहत 50-50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई। समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए इन्हें समर्पण नीति के तहत अन्य सुविधा भी दी जा रही है। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने कहा कि इन नक्सलियों के परिजन भी चाहते थे कि वह समाज की मुख्य धारा में आएं।इधर गंगालुर जिले में एक मुठभेड़ भी हुई जिसमें एक नक्सली मारा गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साइन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आत्म समर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्लार योजना ने लाल आतंक के भ्रम से भटके हुए लोगों के दिलों में विश्वास का दीपक जलाया है। पूना मारगेम अभियान से प्रेरित होकर बीजापुर में इन 103 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है। हम आपको बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले 49 नक्सली पर एक करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपए का इनाम था।

*केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दे रखी है चेतावनी*

 

मालूम हो कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को साफ तौर पर हिदायत दी है कि हथियार के साथ सभी नक्सली सरेंडर करें, सरकार की नीतियों का उन्हें लाभ मिलेगा नहीं तो मुठभेड़ में मारे जाएंगे।मालूम हो कि नक्सली संगठन की ओर से एक पत्र केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा गया जिसमें सीज फायर की चर्चा की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ तौर पर कह दिया है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलता रहेगा कोई सीज फायर नहीं होगी‌।मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलियों का सफाया करने का लक्ष्य रखा गया है।

झारखंड में भी नक्सलियों के लिए यह संदेश है कि वे जितनी भी संख्या में बचे हैं, वे सरेंडर करें। उन्हें झारखंड सरकार की ‘नई दिशा’ सरेंडर पालिसी का लाभ दिया जाएगा। उन्हें पुनर्वास कराया जाएगा।यह उम्मीद की जा रही है कि झारखंड में भी नक्सली सरेंडर कर सकते हैं।

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