
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच अब तेज हो गई है। इसी क्रम में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते बुधवार को दोबारा CID कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी उनसे परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े अहम बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है। +मामले में नोटिस जारी होने के बाद एल खियांग्ते मंगलवार को भी CID कार्यालय पहुंचे थे, जहां उनसे कई घंटे तक पूछताछ की गई थी। जांच टीम ने परीक्षा आयोजन, चयन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर कई सवाल किए। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा संचालन में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी हुई या नहीं। CID की जांच में परीक्षा के लिए एजेंसी के चयन और फैसलों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जांच अधिकारी यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही और फैसले किस आधार पर लिए गए। इस मामले में उन अधिकारियों और व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिनके नाम परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मामलों में सामने आए हैं। CID का उद्देश्य पूरे मामले की तह तक पहुंचना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है। गौरतलब है कि एल खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद आयोग में अध्यक्ष का पद खाली है। नई नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार स्तर पर मंथन जारी है। संभावना है कि जल्द ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति की जा सकती है या किसी अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है। आगामी विधानसभा मानसून सत्र में भी JPSC परीक्षा विवाद को विपक्ष प्रमुख मुद्दा बना सकता है। ऐसे में सरकार और जांच एजेंसी दोनों की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

